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अहिंसा परमो धर्मः

परमपूज्य मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज की प्रेरणा से, उनके भक्तों द्वारा निर्मित इस वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत है।

यह पावन मंच, श्रमण संस्कृति के उन्नायक आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य, तपस्वी गुरुवर महाश्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज को समर्पित है। उनकी वाणी में सहजता, दर्शन में गहराई और चर्या में तप की तेजस्विता है। यह वेबसाइट उनके इन्हीं अमृतमय वचनों और आध्यात्मिक ज्ञान को सहेजकर विश्व भर के श्रद्धालुओं तक पहुँचाने का एक विनम्र माध्यम है।

इस डिजिटल मंच का उद्देश्य पूज्य गुरुवर के ज्ञानमय प्रवचनों, मंगल विहार और जीवन दर्शन के माध्यम से जैन धर्म के शाश्वत सिद्धांतों—अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह—को जन-जन तक पहुँचाना है, ताकि आप सभी उनके मार्गदर्शन में आत्म-कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकें।

श्रुत संवेगी महाश्रमण मुनिश्री 108 आदित्य सागर जी महाराज

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आध्यात्मिक साहित्य, प्रवचन एवं रचनाओं का संपूर्ण संग्रह
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